सागर,10 दिसम्बर 2025 –सागर– इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा , स्टेट फोगसी और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी (आई एस ए )सागर सिटी ब्रांच के संयुक्त प्रयास से डिग्री कॉलेज में आयोजित सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर ने छात्रों को आपातकालीन जीवन रक्षा की व्यावहारिक तकनीक से सशक्त बनाया। इस एक दिवसीय कैम्प में मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अजय सिंह ने सरल भाषा और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से बताया कि दिल का दौरा या सांस रुकने की स्थिति में सीपीआर कैसे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचाकर अस्पताल पहुंचने तक कीमती समय बचाता है।
आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि सही समय पर किया गया सीपीआर जीवन बचाने की संभावना को 70% तक बढ़ा सकता है, क्योंकि यह हृदय गति रुकने के बाद भी रक्त संचार बनाए रखता है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि किसी भी आपात स्थिति में बिना संकोच सीपीआर शुरू करें, क्योंकि हर सेकंड जीवन-मृत्यु का अंतर पैदा करता है।
क्षेत्रिय संचालक स्वास्थ्य सागर डॉ नीना गिडियन ने जोर देकर कहा कि स्कूल स्तर पर ऐसी ट्रेनिंग न केवल बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाती है, बल्कि समाज में त्वरित आपात सहायता की संस्कृति को मजबूत करती है।
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने में अन्य चिकित्सक सदस्य, कॉलेज प्रिंसिपल तथा शिक्षकगण की सक्रिय भागीदारी रही। यह पहल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी (आई एस ए )सागर सिटी ब्रांच की व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसमें शहर के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेज को जीवन रक्षा कौशल से जोड़ा जा रहा है।



