सागर, 31 दिसंबर 2025
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा ने मृतकों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। आईएमए प्रतिनिधिमंडल ने नगर विधायक श्री शैलेंद्र जैन से मुलाकात कर उन्हें आईएमए 2026 कैलेंडर भेंट किया तथा राजस्थान में लागू Honour of Dead Body Act, 2023 की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी इसी प्रकार के सख्त कानून की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
राजस्थान में पारित इस प्रगतिशील कानून के प्रमुख प्रावधान निम्न हैं:
• गैर-परिवारजन द्वारा मृत शरीर का प्रदर्शन या दुरुपयोग करने पर: 6 महीने से 5 वर्ष तक की कैद तथा जुर्माना।
• परिवार के सदस्य द्वारा ऐसे प्रदर्शन में सहमति देने या भाग लेने पर: 2 वर्ष तक की कैद तथा जुर्माना।
• परिवार के सदस्य द्वारा शव का अंतिम संस्कार के लिए लेने से इनकार करने पर: 1 वर्ष तक की कैद या जुर्माना।
विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करते हुए इस प्रकार के विधेयक की आवश्यकता को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही मध्य प्रदेश विधानसभा में इस संबंध में विधेयक लाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। श्री जैन ने इसे राज्य में बढ़ती “शव पर राजनीति” तथा “लाशों के साथ प्रदर्शन” की घटनाओं पर अंकुश लगाने का अत्यंत आवश्यक कदम बताया। उन्होंने कहा कि मृतकों का सम्मान समाज की सभ्यता का प्रतीक है और ऐसे कृत्यों को रोकना समय की मांग है।
आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के नाम पर मृत शरीरों के दुरुपयोग की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। अनुचित मांगों को मनवाने के लिए शवों को सड़कों पर रखना या उनका प्रदर्शन करना न केवल मानवीय गरिमा का हनन है, बल्कि चिकित्सा जगत के लिए भी अत्यंत पीड़ादायक है। इस कानून के लागू होने से मृतकों की गरिमा सुरक्षित रहेगी तथा समाज में संवेदनशीलता बनी रहेगी।
ज्ञापन सौंपने वाले आईएमए प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अरुण सराफ, डॉ. राजेंद्र चौदह, डॉ. जितेंद्र सराफ, डॉ. मोनिका जैन, डॉ. मनीष जैन, डॉ. रूपाली जैन, डॉ. रविकांत अरजरिया सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
आईएमए सागर इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर जागरूकता फैलाने तथा कानून निर्माण में सहयोग करने के लिए कटिबद्ध है।
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