Indian Medical Association, Sagar, Madhya Pradesh

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सागर, 1 फरवरी 2026 – सागर में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एनसीसी कैडेट्स को आपात स्थिति में जान बचाने की कला सिखाई गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी (आईएसए) सागर सिटी ब्रांच के संयुक्त प्रयास से पुलिस लाइन में आयोजित सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर में सैकड़ों कैडेट्स ने जीवन रक्षा की यह महत्वपूर्ण तकनीक सीखी।

मुख्य प्रशिक्षक डॉ.मनोज साहू  ने सरल भाषा और व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से बताया कि हृदय गति रुकने या सांस बंद होने की स्थिति में तुरंत सीपीआर शुरू करने से मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचती रहती है, जिससे अस्पताल पहुंचने तक का कीमती समय बचाया जा सकता है।

आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए कहा कि सही समय पर दिया गया सीपीआर व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को दोगुना या तिगुना तक बढ़ा सकता है, क्योंकि यह रक्त संचार को बनाए रखता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में बिना डर या हिचकिचाहट के सीपीआर शुरू करें, क्योंकि हर सेकंड जीवन और मौत के बीच का फर्क तय कर सकता है।

प्रशिक्षक डॉ. अजमल खान ने जोर देकर कहा कि ऐसी ट्रेनिंग न सिर्फ पुलिसकर्मियों और कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाती है, बल्कि पूरे समाज में त्वरित आपात सहायता की संस्कृति को मजबूत करती है।

कार्यक्रम की सफलता में डॉ. रजत जैन, डॉ. आनंद कुमार सहित सपोर्ट स्टाफ रामजी कुर्मी और तरुण ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही। यह शिविर आईएमए और आईएसए की उस बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसमें शहर के स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों के लोगों को जीवन रक्षा कौशल से जोड़ा जा रहा है।

ऐसी पहलें न केवल युवाओं को सशक्त बनाती हैं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाती हैं, जहां हर व्यक्ति संभावित जीवन रक्षक बन सकता है।

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