Indian Medical Association, Sagar, Madhya Pradesh

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सागर, मध्य प्रदेश, 1 फरवरी 2026: भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) सागर शाखा ने अपने जूनियर सहकर्मियों, विशेष रूप से ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों (BMO) और मेडिकल ऑफिसरों के लिए एक उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम एक सेमिनार श्रृंखला के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में कार्यरत डॉक्टरों को संसाधन-सीमित सेटिंग में बेसिक मेडिकल इमरजेंसी का प्रभावी प्रबंधन सिखाया जा रहा है।
इस श्रृंखला के तहत हाल ही में एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें दो सत्रों में हृदयघात और स्ट्रोक के प्रबंधन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
पहले सत्र में डॉ. जितेंद्र सराफ ने हृदयघात (Heart Attack) के बेसिक्स पर प्रकाश डाला। उन्होंने हृदयघात के लक्षणों, जोखिम कारकों के साथ-साथ ईसीजी (ECG) की बारीकियों और व्याख्या पर विशेष जोर दिया। डॉ. सराफ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सीमित संसाधनों में भी सही समय पर ईसीजी पढ़कर हृदयघात का शुरुआती पता लगाना और प्राथमिक उपचार शुरू करना कितना महत्वपूर्ण है।
दूसरे सत्र का संचालन डॉ. दीपांशु दुबे ने किया, जिन्होंने स्ट्रोक (लकवा) के प्रबंधन पर फोकस किया। उन्होंने स्ट्रोक के प्रकार, लक्षण पहचानने के तरीके और सीटी/एमआरआई जैसे उन्नत डायग्नोस्टिक टूल्स की अनुपस्थिति में भी सर्वोत्तम संभव उपचार कैसे किया जा सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. दुबे ने तुरंत कार्रवाई (जैसे ब्लड प्रेशर कंट्रोल, एंटी-प्लेटलेट थेरेपी आदि) के महत्व को रेखांकित किया ताकि मरीज की जान बचाई जा सके और विकलांगता को कम किया जा सके।
आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. ताल्हा साद ने कहा, “ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संसाधन-सीमित परिस्थितियों में मरीजों का बेहतर इलाज करने में बहुत मददगार साबित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां उन्नत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, वहां बेसिक ज्ञान और सही निर्णय से मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।” उन्होंने आगे बताया कि आने वाले महीनों में इस श्रृंखला में डायबिटिक इमरजेंसी, रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट, जहर/ओवरडोज जैसी अन्य महत्वपूर्ण आपात स्थितियों पर भी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने भाग लिया, जिनमें ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से मेडिकल ऑफिसर शामिल थे। प्रतिभागियों ने इन सत्रों को अत्यंत उपयोगी और व्यावहारिक बताया।आईएमए सागर का यह प्रयास जूनियर डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। संगठन ने सभी सदस्यों और स्वास्थ्य अधिकारियों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग की अपील की है।

https://thepostmortemtimes.com/special-training-series-for-junior-doctors-by-ima-with-emphasis-on-emergency-medical-management-in-limited-situations

https://www.sagartvnews.com/news_only.php?newsidget=37054

https://facebook.com/reel/875943878743784

https://www.helloday.news/index.php?slug=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0

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